जयपुरः भूखंडों के पट्टे जारी करने के मामले में प्रदेश भर के निकायों के हाल में नहीं हो रहा है सुधार. शहर चलो अभियान खत्म होने के बाद स्वायत्त शासन विभाग ने पट्टों के प्रकरणों को लेकर प्रदेश भर के निकायों के आकड़े जुटाए तो पता चला प्राप्त प्रकरणों में करीब तीस फीसदी प्रकरणों में ही निकायों ने पट्टे जारी किए. निकायों में बड़ी संख्या में प्रकरण पाए गए लंबित.
राज्य सरकार की ओर से प्रदेश भर के निकायों में 17 सितंबर से से 17 अक्टूबर तक शहर चलो अभियान चलाया गया था. इस अभियान का उद्देश्य था कि शहर वासियों को निकायों से जुड़ी सेवाएं सुगम तरीके से उपलब्ध कराना और विभिन्न समस्याओं का तत्काल निस्तारण करना था. अभियान फिलहाल खत्म हो चुका है. यह संकेत है कि जल्द ही इस अभियान को जारी रखने के आदेश जारी किए जा सकते हैं. लेकिन स्वायत्त शासन विभाग की ओर से प्रदेश भर के निकायों में 17 अक्टूबर तक भूखंडों के पट्टे जारी करने के प्राप्त प्रकरणों के आंकड़े जुटाए गए. इनमें वे प्रकरण भी शामिल हैं जो कि शहर चलो अभियान शुरू होने से पहले से निकायों में लंबित थे. आपको बताते हैं कि स्वायत्त शासन विभाग की ओर से जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार पट्टे जारी करने के मामले में क्या स्थिति सामने आई
शहर चलो अभियान को लेकर बड़ी खबर
अभियान की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर तक पट्टे किए जारी
प्रदेश भर के निकायों ने 53 हजार से अधिक पट्टे किए जारी
इस तिथि तक निकायों को प्राप्त हुए थे 2 लाख 22 हजार 72 आवेदन
इनमें से 23.86% प्रकरणों में ही निकायों ने जारी किए पट्टे
प्राप्त प्रकरणों में से 71 हजार 453 प्रकरण निकायों में हैं लंबित
कुल प्राप्त प्रकरणों में से 32.17% प्रकरण निकायों में हैं लंबित
44 हजार 471 मतलब 20% प्रकरण आवेदक के स्तर पर हैं लंबित
प्राप्त प्रकरणों में से घटाए जाएं आवेदक स्तर के लंबित प्रकरण
तो निकाय स्तर के कुल प्रकरणों में से जारी किए गए पट्टे
प्रदेश भर के निकायों ने 29.84% प्रकरणों में जारी किए पट्टे
संभागवार निकायों की ओर से जारी पट्टों के आंकड़ें देखें तो
किसी भी संभाग के निकायों का यह आकड़ा अधिकतम रहा करीब 30%
भरतपुर संभाग के निकायों ने जारी किए अधिकतम पट्टे
प्राप्त प्रकरणों में से 29.84% प्रकरणों में जारी किए पट्टे
भरतपुर संभाग के निकायों ने सबसे अधिक पट्टे किए जारी
प्राप्त 32 हजार 399 प्रकरणों में से पट्टे किए जारी
9 हजार 668 प्रकरणों में निकायों ने पट्टे किए जारी
पट्टे जारी करने के मामले में कोटा संभाग रहा दूसरे स्थान पर
प्राप्त 36 हजार 606 प्रकरणों में से पट्टे किए जारी
10 हजार 242 प्रकरणों में निकायों ने पट्टे किए जारी
इस संभाग के निकायों ने कुल प्राप्त प्रकरणों में पट्टे किए जारी
कुल प्राप्त प्रकरणों में से 27.97%प्रकरणों में पट्टे किए जारी
पट्टे जारी करने के मामले में जयपुर संभाग रहा तीसरे स्थान पर
प्राप्त 63 हजार 468 प्रकरणों में से पट्टे किए जारी
16 हजार 683 प्रकरणों में निकायों ने पट्टे किए जारी
इस संभाग के निकायों ने कुल प्राप्त प्रकरणों में पट्टे किए जारी
कुल प्राप्त प्रकरणों में से 26.28%प्रकरणों में पट्टे किए जारी
पट्टे जारी करने के मामले में रहे सबसे फिसड्डी
जोधपुर संभाग के निकाय रहे हैं सबसे फिसड्डी
प्राप्त 26 हजार 532 प्रकरणों में से पट्टे किए जारी
महज 3 हजार 71 प्रकरणों में ही निकायों ने पट्टे किए जारी
इस संभाग के निकायों ने कुल प्राप्त प्रकरणों में पट्टे किए जारी
कुल प्राप्त प्रकरणों में से केवल 11.57%प्रकरणों में पट्टे किए जारी
पट्टे जारी करने में फिसड्डी रहने के मामले में रहे दूसरे नंबर पर
उदयपुर संभाग के निकाय रहे हैं दूसरे नंबर पर
प्राप्त 8 हजार 231 प्रकरणों में से पट्टे किए जारी
महज 992 प्रकरणों में ही निकायों ने पट्टे किए जारी
इस संभाग के निकायों ने कुल प्राप्त प्रकरणों में पट्टे किए जारी
कुल प्राप्त प्रकरणों में से केवल 12.05%प्रकरणों में पट्टे किए जारी
पट्टे जारी करने में फिसड्डी रहने के मामले में रहे तीसरे नंबर पर
अजमेर संभाग के निकाय रहे हैं तीसरे नंबर पर
प्राप्त 26 हजार 715 प्रकरणों में से पट्टे किए जारी
महज 5 हजार 654 प्रकरणों में ही निकायों ने पट्टे किए जारी
इस संभाग के निकायों ने कुल प्राप्त प्रकरणों में पट्टे किए जारी
कुल प्राप्त प्रकरणों में से केवल 21.16 %प्रकरणों में पट्टे किए जारी
बीकानेर संभाग के निकायों ने पट्टे किए जारी
प्राप्त 28 हजार 121 प्रकरणों में से पट्टे किए जारी
6 हजार 695 प्रकरणों में ही निकायों ने पट्टे किए जारी
इस संभाग के निकायों ने कुल प्राप्त प्रकरणों में पट्टे किए जारी
कुल प्राप्त प्रकरणों में से केवल 23.80 %प्रकरणों में पट्टे किए जारी
शहर चलो अभियान की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर तक पट्टे जारी करने के प्रकरण बड़ी संख्या में निकायों में लंबित रहे हैं. कुछ संभागों में यह आकड़ा 50 फीसदी के आस-पास रहा. आपको बताते हैं इस मामले में संभागवार स्थिति क्या रही
प्राप्त प्रकरणों में से 71 हजार 453 प्रकरण निकायों में हैं लंबित
कुल प्राप्त प्रकरणों में से 32.17% प्रकरण निकायों में हैं लंबित
संभागवार आंकड़ों को देखें तो सबसे अधिक प्रकरण रहे लंबित
जोधपुर संभाग के निकायों में सबसे अधिक प्रकरण रहे लंबित
इस संभाग के निकाय प्रकरणों के निस्तारण में रहे सबसे सुस्त
निकायों के स्तर पर सबसे अधिक 14 हजार 348 प्रकरण रहे लंबित
इन निकायों को 17 अक्टूबर तक प्राप्त हुए थे 26 हजार 532 प्रकरण
इनमें से इस संभाग के निकायों के स्तर पर 54.07%प्रकरण रहे लंबित
पट्टों के प्रकरणों की पेडेंसी में दूसरे नंबर पर है उदयपुर संभाग
इस संभाग के निकायों को 17 अक्टूबर तक मिले थे 8 हजार 231 प्रकरण
इनमें से आधे करीब 4 हजार 78 प्रकरण निकाय स्तर पर रहे लंबित
कुल प्राप्त प्रकरणों में से 49.54% प्रकरण रहे निकाय स्तर पर लंबित
पट्टों के प्रकरणों की पेडेंसी में तीसरे नंबर पर है अजमेर संभाग
इस संभाग के निकायों को 17 अक्टूबर तक मिले थे 26 हजार 715 प्रकरण
इनमें से 12 हजार 99 प्रकरण निकाय स्तर पर रहे लंबित
कुल प्राप्त प्रकरणों में से 45.28% प्रकरण रहे निकाय स्तर पर लंबित
पट्टों के प्रकरणों की पेडेंसी में चौथे नंबर पर है बीकानेर संभाग
इस संभाग के निकायों को 17 अक्टूबर तक मिले थे 28 हजार 121 प्रकरण
इनमें से आधे करीब 6 हजार 695 प्रकरण निकाय स्तर पर रहे लंबित
कुल प्राप्त प्रकरणों में से 43.70% प्रकरण रहे निकाय स्तर पर लंबित
कोटा संभाग के निकायों की पेंडेंसी रही सबसे कम
पट्टे जारी करने के प्रकरणों में पेडेंसी रही सबसे कम
इस संभाग के निकायों में प्रकरणों की पेडेंसी रही सबसे कम
17 अक्टूबर तक संभाग के निकायों को मिले कुल 36 हजार 606 प्रकरण
इनमें से महज 3 हजार 145 प्रकरण ही रहे निकाय स्तर पर लंबित
कुल प्राप्त प्रकरणों में से 8.59%प्रकरण ही रहे हैं निकायों में लंबित
पट्टे जारी करने प्रकरणों की सबसे कम पेंडेंसी में रहे दूसरे नंबर पर
भरतपुर संभाग के निकाय सबसे कम पेंडेंसी में रहे दूसरे नंबर पर
17 अक्टूबर तक संभाग के निकायों को मिले थे 32 हजार 399 प्रकरण
इनमें से निकाय स्तर पर महज 9 हजार 668 प्रकरण रहे लंबित
कुल प्राप्त प्रकरणों में से 18.75% प्रकरण रहे निकायों में लंबित
पट्टे जारी करने प्रकरणों की सबसे कम पेंडेंसी में है तीसरे नंबर पर
जयपुर संभाग के निकाय सबसे कम पेंडेंसी में रहे तीसरे नंबर पर
17 अक्टूबर तक संभाग के निकायों को मिले थे 63 हजार 468 प्रकरण
इनमें से निकाय स्तर पर 19 हजार 418 प्रकरण रहे लंबित
कुल प्राप्त प्रकरणों में से 30.51 प्रकरण रहे निकायों में लंबित