जैसलमेरः भारतीय वायुसेना का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास पोकरण में 27 फरवरी को होगा. 'वायुसेना वायु शक्ति-2026' में ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर बमबारी का प्रदर्शन करेगी. बॉर्डर इलाकों में दुश्मन के ठिकानों को चुन-चुनकर नेस्तनाबूद करने की प्रैक्टिस होगी. 24 फरवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल, 27 फरवरी को मेन इवेंट आयोजित होगा. इस युद्धाभ्यास में 77 फाइटर जेट्स और 43 हेलिकॉप्टर्स तैनात रहेंगे.
करीब 12 हजार किलो गोला-बारूद का इस्तेमाल किया जाएगा. कुल 277 अत्याधुनिक हथियारों का प्रदर्शन किया जाएगा. पहली बार 150 किलो का रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट यानी RPA सार्वजनिक रूप से दिखेगा. यह RPA बाज की तरह घंटों मंडराकर टारगेट मिलते ही हमला करता है. शॉर्ट रेंज लोइटरिंग म्यूनिशन और कामिकेज ड्रोन भी दिखाए जाएंगे. काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम यानी C-UAS की क्षमता का प्रदर्शन होगा.
स्वदेशी हथियारों की संयुक्त ताकत नजर आएगी:
फाइटर जेट, हेलिकॉप्टर, ड्रोन और स्वदेशी हथियारों की संयुक्त ताकत नजर आएगी. अभ्यास में दुश्मन के ठिकानों का पता लगाकर आर्मी के साथ तालमेल में हवाई हमले होंगे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत शीर्ष नेतृत्व के शामिल होने की संभावना है. साफ संदेश-'भारत की वायुसेना दुश्मन के घर में घुसकर जवाब देने की पूरी क्षमता रखती है.