जयपुर: दीपावली पर महालक्ष्मी पूजन से 7 दिन पहले खरीदी का महा मुहूर्त पुष्य नक्षत्र 14 एवं 15 अक्टूबर को 24 घंटे 6 मिनिट रहेगा. खरीदी के इस महा मुहूर्त पर सिद्ध और साध्य योग रहेगा. पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर - जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि नक्षत्रों का राजा पुष्य मंगलवार को दिवस पर्यंत एवं बुधवार को उदयातिथि में रहने से चल-अचल संपत्ति की खरीदी स्थाई फल प्रदान करेंगी. इस दौरान सोना-चांदी, भूमि-भवन, वाहन के साथ ही अन्य चल-अचल संपत्ति कल्याणकारी रहेगी. इस अवसर पर शहर के नए-पुराने बाजारों में खरीदार उमड़ेंगे. इस योग में खरीदारी और नई शुरुआत करना शुभ माना जाता है. हर साल दीपावली से करीब 7 दिन पहले पुष्य नक्षत्र आता है. इसी दिन से दीपावली की खरीदारी भी शुरू हो जाती है. नया काम या बिजनेस भी शुरू किया जाता है.
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि पंचांग के अनुसार 14 अक्टूबर को दोपहर 11:54 से 15 अक्टूबर को दोपहर 11:59 बजे तक पुष्य नक्षत्र का योग रहेगा. इतने शुभ योग के प्रभाव से लंबे समय तक धन लाभ, सुख और समृद्धि मिलेगी. इस संयोग में सोना-चांदी, बर्तन, कपड़े, फर्नीचर, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक सामान, व्हीकल और प्रॉपर्टी की खरीदारी कर सकते हैं. रियल एस्टेट में किया निवेश भी लंबे समय तक फायदा देने वाला रहेगा. बिजनेस के बड़े सौदों के लिए भी यह दिन फायदेमंद रहेगा. पुष्य नक्षत्रों को नक्षत्रों का राजा बताया गया है. इस नक्षत्र में सोना और चांदी की खरीदी को सबसे शुभ माना जाता है जो सुख-समृद्धि की देवी महालक्ष्मी के आगमन का प्रतीक है. साथ ही जमीन, मकान और वाहन की खरीदारी भी लाभकारी मानी गई है. इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक सामग्री एवं वाहन के साथ ही घरेलू उपयोगी सामग्री की खरीदारी भी समृद्धि दायक बताई गई.
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि नक्षत्र का स्वामी शनि और इसके देवता बृहस्पति होते हैं. ये दोनों ग्रह अच्छी स्थिति में है. इन ग्रहों के प्रभाव से सोना-चांदी, मशीनरी और रियल एस्टेट में बड़े निवेश होने की उम्मीद है. इस शुभ योग में किए गए इन्वेस्टमेंट से आने वाले दिनों में बड़ा फायदा होने की संभावना है. ग्रह-स्थिति के मुताबिक शेयर मार्केट में गिरावट होने की आशंका है. ऐसे समय में किया गया निवेश आने वाले दिनों में बड़ा फायदा दे सकता है. पुष्य नक्षत्र में किए गए काम दोषमुक्त होते हैं और जल्दी ही सफल हो जाते हैं. रविवार और गुरुवार को पड़ने वाला पुष्य नक्षत्र बेहद शुभदायक माना जाता है. पुष्य अन्ध नक्षत्र है. इस नक्षत्र में खोई हुई चीज जल्दी मिल भी जाती है.
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि नए काम और व्यापार की शुरुआत करने के लिए गुरु पुष्य नक्षत्र का सबसे शुभ माना गया है. इस दिन प्रॉपट्री, नया घर या गृह प्रवेश के लिए शुभ माना जाता है. पुष्य नक्षत्र पर गुरु, शनि और चंद्रमा का प्रभाव सबसे ज्यादा रहता है. ऐसे में इस दिन सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है. इस दिन आभूषण और पीपल के बर्तन खरीदने का महत्व होता है. गुरु पुष्य नक्षत्र में छोटे बच्चों को विद्यारंभ करवाना अच्छा माना जाता है.
नक्षत्रों का राजा है पुष्य
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि 27 नक्षत्रों में आठवां नक्षत्र है पुष्य. इसे नक्षत्रों का राजा भी माना जाता है. यह धन, यश और वैभव का प्रतीक है, इसलिए पुष्य नक्षत्र में शुभ कामों की शुरुआत, प्रॉपर्टी, व्हीकल की खरीदारी और निवेश करने की परंपरा चली आ रही है. माना जाता है इस नक्षत्र में सोना खरीदने से घर में सुख-समृद्धि आती है. पुष्य को सबसे अच्छा नक्षत्र माना जाता है. इसे शास्त्रों में अमरेज्य भी कहा गया है. यानी वो नक्षत्र जो जीवन में स्थिरता और अमरता लाता है. इस दौरान लंबे समय तक चलने वाले स्थायी काम करने चाहिए. इस बार दीपावली से पहले 14 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र का संयोग बन रहा है. यह हर तरह की खरीदारी के लिए सर्वोत्तम दिन माना जाता है.
14 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि पुष्य नक्षत्र हर महीने आता है लेकिन दिवाली से पहले आने वाले पुष्य नक्षत्र का विशेष महत्व बताया गया है. इस साल दिवाली से पहले पुष्य नक्षत्र 14 और 15 अक्टूबर 2025 दो दिन है. पुष्य नक्षत्र निवेश, सोना-चांदी, संपत्ति, वाहन खरीदी, बहीखाता नवीनीकरण और दिवाली की खरीदी के लिए अत्यंत लाभकारी होता है. यही वजह है कि दिवाली से पहले लोगों को पुष्य नक्षत्र का इंतजार रहता है. दीवाली के समय स्वर्ण खरीदने के लिये मुहूर्त, अर्थात शुभ समय को प्राथमिकता देते हैं. पुष्य नक्षत्र एवं धनतेरस, ये दो सर्वाधिक शुभ दिन हैं. सोना खरीदना, घर में देवी लक्ष्मी को आमन्त्रित करने के समान माना जाता है. देवी लक्ष्मी धन एवं समृद्धि प्रदान करने वाली देवी हैं. पुष्य नक्षत्र देवी लक्ष्मी का जन्म नक्षत्र है, इसीलिये पुष्य नक्षत्र को देवी लक्ष्मी को घर लाने के लिये सर्वाधिक शुभ नक्षत्र माना जाता है. ऐसे में इस दिन मां लक्ष्मी के रूप में सोना खरीदने की परंपरा है. कहत ेहैं इसस घर में स्थाई रूप से धन लक्ष्मी का वास हो जाता है.
हर प्रकार की खरीदी शुभ
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि पुष्य नक्षत्र में किए गए कार्य पुण्यदायी और फल देने वाले होते हैं. पंचांग के अनुसार, 14 अक्टूबर को दोपहर 11:54 से 15 अक्टूबर को दोपहर 11:59 बजे तक पुष्य नक्षत्र का योग रहेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पुष्य नक्षत्र 27 नक्षत्रों में से 8 वें स्थान में आता है. पुष्य नक्षत्र की राशि कर्क है. इसे 27 नक्षत्रों में से सबसे शुभ, पुण्य और पवित्र माना जाता है. पुष्य नक्षत्र में खरीदारी करने का प्रचलन है, इसलिए ही इसे शुभ माना जाता है. इस नक्षत्र में चल-अचल संपत्ति जैसे सोने, चांदी के आभूषण, सिक्के, महालक्ष्मी की प्रतिमा, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल्स, फर्नीचर, बाइक-कार, उद्योग के लिए जमीन, प्लॉट की खरीदी सबसे ज्यादा शुभ मानी गई है. साथ ही पुष्य नक्षत्र में निवेश के लिए भी सबसे शुभ माना जाता है.
पुष्य नक्षत्र में इनकी खरीदी स्थायी लाभ
अचल संपत्ति - मकान, प्लॉट, फ्लैट, कृषि भूमि और व्यावसायिक संपत्ति.
चल संपत्ति - आभूषणों में सोना, चांदी, हीरा, प्लेटिनम के आभूषण.
ऑटोमोबाइल (चार पहिया वाहन, दोपहिया वाहन),
इलेक्ट्रिक दोपहिया-चार पहिया वाहन.
इलेक्ट्राॅनिक सामान में फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन, लैपटॉप, माइक्रोवेव ओवन आदि.
पुष्य नक्षत्र खरीदारी मुहूर्त
14 अक्टूबर (मंगलवार): दोपहर 11:54 बजे से लेकर पूरी रात तक.
15 अक्टूबर (बुधवार): सुबह 06:22 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक.
14 अक्टूबर
लाभ का चौघड़िया - सुबह 11.54 से 12.10 तक
अमृत का चौघड़िया - दोपहर 12.11 से 1.36 बजे तक
लाभ का चौघड़िया - शाम 7.29 से 9.03 बजे तक
शुभ का चौघड़िया - रात 10.36 से 12.10 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त - सुबह 11.54 से दोपहर 12.34 तक.
15 अक्टूबर
लाभ का चौघड़िया - सुबह 6.24 से 07.50 बजे तक लाभ
अमृत का चौघड़िया - सुबह 7.51 से 9.17 बजे तक
शुभ का चौघड़िया - सुबह 10.43 से 12.00 बजे तक
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास से जानिए राशि अनुसार किन वस्तुओं की करें खरीदारी
मेष राशि
मेष राशि के जातकों को चांदी के आभूषण, सिक्के या फिर बर्तन खरीदने चाहिए. इसके अलावा आप सोना या पीतल की वस्तुएं भी खरीद सकते हैं. इससे आपको तरक्की मिलेगी.
वृषभ राशि
आपके लिए चांदी की वस्तुएं खरीदना अच्छा रहेगा. यदि आप हीरा जड़ित कोई आभूषण खरीदते हैं तो वह बहुत ही उत्तम रहेगा. आप अपने बजट के अनुसार चांदी के आभूषण या सिक्के भी ले सकते हैं.
मिथुन राशि
मिथुन राशि के लोगों के लिए कांसे का बर्तन, सोना आदि खरीदना शुभ होता है. मिथुन राशि वालों के लिए पन्ना शुभ रत्न है, इन वस्तुओं की खरीदारी आपके लिए उन्नति देने वाली होगी.
कर्क राशि
कर्क राशि के लोगों को चांदी के आभूषण, चांदी के लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, चांदी का श्रीयंत्र, मोती की माला, चांदी में माती जड़ित अंगुठी आदी खरीदना उत्तम रहेगा.
सिंह राशि
सिंह राशि के लोगों के लिए सोना खरीदना श्रेष्ठ रहेगा. आपके लिए शुभ रत्न माणिक्य है. यदि बजट कम है तो आप उन वस्तुओं को खरीद सकते हैं, जिन पर सोने का पानी चढ़ाया गया हो.
कन्या राशि
कांसे या फूल के बर्तन खरीदना चाहिए, इससे आपका बुध ग्रह और मजबूत होगा. आपका शुभ रत्न पन्ना और मोती है. मोती की माला भी खरीद सकते हैं.
तुला राशि
तुला राशि के लोगों को चांदी के आभूषण, चांदी के बर्तन खरीदना शुभ रहेगा. इससे आपकी धन संपत्ति में वृद्धि होगी.
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के लोगों को तांबे के बर्तन, चांदी या चांदी के आभूषण खरीदना चाहिए. इससे वृश्चिक राशि वालों को लाभ होगा.
धनु राशि
धनु राशि के लोगों को सोने के आभूषण, सोने के सिक्के, पीतल के बर्तन आदि खरीदना चाहिए. ऐसा करने से साल भर पैसे की कमी नहीं रहेगी.
मकर राशि
मकर राशि के लोगों को स्टील के बर्तन या अपने लिए कोई वाहन खरीद सकते हैं. इससे सालभर आपकी उन्नति होगी.
कुंभ राशि
कुंभ राशि के लोगों को वाहन या स्टील के बर्तन खरीदने चाहिए. उसके बाद चांदी, सोना आदि खरीद सकते हैं.
मीन राशि
मीन राशि के लोगों को सोने या पीतल की वस्तुएं खरीदनी चाहिए. इससे आपके सुख और समृद्धि में वृद्धि होगी.