किसान का दिन में बिजली का सपना साकार करती भजनलाल सरकार, दौसा एवं करौली जिलों में दो ब्लॉक में सप्लाई का आगाज, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः भजनलाल सरकार के नेतृत्व में प्रदेश के सभी किसानों को दिन में बिजली देने के वादे को पूरा करने में ऊर्जा विभाग युद्धस्तर पर जुटा हुआ है. विभाग ने सिस्टम इम्प्रूमेंट के बाद अब दौसा एवं करौली जिले में भी कृषि उपभोक्ताओं को खेती के लिए दिन के दो ब्लॉक में बिजली देना शुरू कर दिया है. इसके साथ ही प्रदेश में अब 24 जिले ऐसे हो गए है, जहां किसानों को दिन में खेती के लिए बिजली मिल रही है. विभागीय अधिकारियों की माने तो 2027 के तय लक्ष्य से पहले सभी जिलों में ये सपना साकार होगा. आखिरकार क्या है किसानों को दिन में बिजली देने के मायने और विभाग की कवायद.

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा है कि प्रदेश के सभी जिलों में किसानों को खेती के लिए दिन में बिजली दी जाए. बाकायदा वर्ष 2024-25 के परिवर्तित बजट में यह कार्य चरणबद्ध रूप से वर्ष-2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया. सरकार की इच्छा शक्ति का ही परिणाम है कि फिलहाल प्रदेश के 22 जिलों में कृषि उपभोक्ताओं को दिन के दो ब्लॉक में विद्युत आपूर्ति की जा रही है, जिसके अब जयपुर डिस्कॉम के दौसा एवं करौली जिले भी जुड गए है. खुद सूबे के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने X पोस्ट के जरिए इस उपलब्धि की घोषणा की, साथ ही टीम डिस्कॉम को बधाई भी दी. डिस्कॉम के इस सफल प्रयास से दौसा जिले में 52,460 तथा करौली जिले में 35,341 कृषि उपभोक्ताओं को सीधा फायदा होगा. उन्हें अब न तो कड़ाके की सर्दी एवं बारिश के बीच रात में खेतों में सिंचाई करने की मजबूरी से जुझना होगा और ना ही जंगली-जानवरों के खतरे से रूबरू होगा पड़ेगा. 

अभी इन जिलों में मिल रही दिन में बिजली
जयपुर डिस्कॉम में सात जिले : धौलपुर, बूंदी, कोटा, झालावाड़, जयपुर, डीग एवं भरतपुर
अजमेर डिस्कॉम में 12 जिले : -अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, डीडवाना-कुचामन, उदयपुर, सलूम्बर, राजसमंद, बांसवाड़ा, झुन्झुनूं, सीकर, चित्तौड़गढ एवं डूंगरपुर
जोधपुर डिस्कॉम में 3 जिले-जालौर, सिरोही एवं पाली

डिस्कॉम प्रशासन की माने तो दोनों जिलों में किसानों को दिन में बिजली देने में सोर ऊर्जा का भी अहम योगदान रहेगा. दरअसल, दोनों जिलों में पीएम कुसुम योजना के कम्पोनेंट-ए एवं कम्पोनेंट-सी में 30.5 मेगावाट क्षमता के 15 सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे दिन में समय ही बिजली पैदा होती है. ये बिजली लोकल सिस्टम के जरिए ही किसानों तक पहुंचाई जाएगी, जिससे कम लागत और छीजत के किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी   

दौसा एवं करौली में विद्युत तंत्र की मजबूती से राह हुई आसान
किसानों को खेती के लिए दिन में बिजली देने के पीछे की मेहनत
इस अचीवमेंट के लिए दौसा जिले में 132 केवी के 2 व 33 केवी के 18 नए GSS तथा
करौली जिले में 132 केवी के 2 व 33 केवी के 6 नए GSS किए गए स्थापित
इसके साथ ही दौसा में 220 व 132 केवी के 6 ग्रिड सब स्टेशनों पर बढ़ाई गई क्षमता
इस स्टेशनों पर पावर ट्रान्सफॉर्मरों की 206.5 एमवीए बढ़ाई गई क्षमता
जबकि करौली में 400 व 132 केवी के 8 ग्रिड सब स्टेशनों की बढ़ाई गई क्षमता
इस स्टेशन पर पावर ट्रान्सफॉर्मरों की 631.5 एमवीए क्षमता वृद्धि की गई
दौसा में 33 केवी के 47 सब स्टेशनों पर पावर ट्रांसफार्मरों की 128.95 एमवीए क्षमता वृद्धि की गई है,
जबकि करौली में 33 केवी के 15 सब स्टेशनों पर पावर ट्रांसफार्मरों की 49.45 एमवीए क्षमता बढ़ाई गई