केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बोले-कृषि के विकास के लिए राजस्थान सरकार बहुत गंभीर 

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बोले-कृषि के विकास के लिए राजस्थान सरकार बहुत गंभीर 

जयपुर: जयपुर में क्षेत्रीय और पश्चिम क्षेत्र के राज्यों का कृषि सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब भी कृषि से जुड़ा काम याद आता तो राजस्थान का नाम सामने आता है. कृषि के विकास के लिए राजस्थान सरकार बहुत गंभीर है. किसानों के बिना खेती की चर्चा संभव नहीं हो सकती है. इसलिए इस कार्यक्रम में प्रगतिशील किसान में मौजूद है. किसान केवल अन्नदाता ही नहीं जीवन दाता भी है. देश में अलग-अलग जलवायु, अलग-अलग माटी, अलग-अलग फसल है इसके लिए देश को जोन में बांटा गया. 

सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि देशभर में राजस्थान की शुरुआत के साथ पांच जोनल कॉन्फ्रेंस होगी. वीरों की धरती से कॉन्फ्रेंस का आगाज किया जा रहा है. देश में गेहूं चावल के भंडार भरे हैं रखने की जगह नहीं है. चिंता इस बात की है अभी दलहन की कमी है और आयात करना पड़ता है. हमें दलहन और तिलहन में आत्मनिर्भर होना है. किसान दिन रात अच्छी फसल के लिए पसीना बढ़ता है. इसीलिए किसान की आय को दोगुना करना है.
हमें पोषण सुरक्षा को सुनिश्चित करना है, इसके लिए 6 सूत्रीय रणनीति बनाई है.चैत्र वैशाख में सावन भादो हो रहा है. जलवायु परिवर्तन से भी निपटना है और फसलों को भी बचाना है.

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमें कृषि का डायवर्सिफिकेशन करना है. धरती की उर्वरक क्षमता लगातार घट रही है. ऐसे में खेती जैसी पद्धतियों को लगातार बढ़ाना होगा. देश में खेती से महत्वपूर्ण कोई विभाग है यह गड़बड़ हो गया तो सब गड़बड़ हो जाएगा. उन्होंने ताकीद किया कि कॉन्फ्रेंस से कोई नहीं जाएगा. कोई बहाना नहीं चलेगा कि मेरी फ्लाइट है मुझे जल्दी जाना है. 

हम खाद बीज का वितरण भी फॉर्मर आईडी से करने वाले हैं. हर राज्य को मिशन मोड में लेकर फार्मर आईडी का काम पूरा करके ही देना है. मौसम की मार से कई जगह नुकसान की खबर मिल रही है. ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा से किसान को पूरा लाभ देने की कोशिश रहेगी. केंद्र सरकार नए वित्तीय वर्ष में बजट रिलीज करेगी. लेकिन उसका समुचित उपयोग राज्य को करना होगा.

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोई भी योजना केंद्र आप पर थोपेगा नहीं. 18 योजनाओं में से राज्य किसी भी योजना में ज्यादा पैसा ले सकता है. सभी राज्य खरीदी समय पर कर लें ताकि किसान को समय पर लाभ मिल सके. आलू प्याज टमाटर को किसान दूसरे राज्य में बेचना चाह तो ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा हम देंगे. विश्व स्वास्थ्य दिवस है तो सभी से आग्रह है कि वह फिट रहें.