जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के शहरी निकायों में विकास कार्यों व योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है. आमजन की जरूरत के अनुसार विकास परियोजनाओं के माध्यम से आधारभूत ढांचे विकसित किए जा रहे हैं. पानी, बिजली, सड़क की सहज उपलब्धता के जरिए संस्थागत रूप से शहरी विकास को बेहतरीन बनाया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कार्यालय में नगरीय विकास व आवासन एवं स्वायत्त शासन विभाग की समीक्षा बैठक ली. उन्होंने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में उपलब्ध संपत्ति का उपयोग कर अपनी आय बढ़ाने के निर्देश दिए. साथ ही, उन्होंने स्वायत्त शासन विभाग को नगरीय विकास कर संग्रहण प्रणाली को बेहतर बनाकर राजस्व आय बढ़ाने के लिए कार्ययोजना बनाने के लिए निर्देशित किया. शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत शेष बनाए जाने वाले आवासों के लिए केन्द्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर स्वीकृति जारी करवाएं. उन्होंने प्रदेश में चल रही केन्द्र व राज्य सरकार की संयुक्त वित्त पोषित परियोजनाओं को समय से पूरा करने के लिए राज्य सरकार के अंशदान को निश्चित समय से जारी करने के निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों का भी समय-समय पर सत्यापन कराया जाए. उन्होंने प्रतिदिन विकास कार्यों की रिपोर्ट तैयार करने के भी निर्देश दिए. उन्होंने अमृत 2.0 योजना के रिव्यू करने के लिए नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव को निर्देश दिए.
शहरी क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री ई-बस सेवा शुरू की गई है. मुख्यमंत्री शर्मा ने इस योजना के तहत राजस्थान के 8 शहरों जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, भीलवाड़ा, अलवर और बीकानेर में कुल 500 ई-बसों को चलाने की योजना को जल्द मूर्तरूप देने के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत राज्य सरकार के पिछले 6 माह के कार्यकाल में 30 हजार 408 आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 13 हजार 175 आवास पूर्ण हो चुके हैं. जिनके लिए 217.75 करोड़ रुपए की अनुदान राशि वितरित की गई है. इस योजना से जरूरतमंद की पक्की छत का सपना पूरा हो रहा है. श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना के तहत प्रदेश में कुल 2 करोड़ 56 लाख 86 हजार 708 जरूरतमंद लोग लाभान्वित हुए हैं. प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत प्रदेश में जनवरी 2024 से अब तक 33 हजार लोगों को लोन मिल चुका है.राज्य सरकार निरंतर प्रदेश के नगरीय निकायों में आमजन की सुविधाओं के विस्तार के लिए योजनाओं एवं विकास कार्यों को तीव्र गति से पूरा किया जा रहा है. इसी क्रम में प्रदेश के 106 नगरीय निकायों में 223 करोड़ रुपए की लागत से 1470 टीपीडी क्षमता के सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना की जाएगी. भरतपुर शहर में 135.40 टीपीडी क्षमता का सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट लगाया जाएगा. प्रदेश के 27 नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट का निर्माण करवाया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने बैठक में जयपुर विकास प्राधिकरण की पूर्ण व प्रगतिरत विकास परियोजनाओं समीक्षा की. शर्मा ने जेडीसी मंजू राजपाल को निर्देशित किया कि सेक्टर रोड़ बनाने के कार्य में तीव्रता लाई जाए. उन्होंने हाईटेक सिटी के निर्माण के लिए जेडीसी को कार्ययोजना तैयार करने, एयरपोर्ट से टोंक रोड एवं आगरा रिंग रोड कनेक्टिविटी व रेलवे स्टेशन से सीकर रोड तक कनेक्टिविटी के लिए एलिवेटेड रोड का प्लान तैयार करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने एसएमएस अस्पताल में निर्माणधीन आईपीडी टावर की पार्किंग निर्माण के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए.बैठक में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग मंत्री झाबर सिंह खर्रा, मुख्य सचिव सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय शिखर अग्रवाल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय आलोक गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास एवं आवासन टी. रविकान्त, आयुक्त सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार इन्द्रजीत सिंह सहित नगरीय विकास व आवासन एवं स्वायत्त शासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.