सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना को लेकर सरकार गंभीर, शहरों में लावारिस कुत्तों को लेकर जारी किए निर्देश, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः देश के सुप्रीम कोर्ट ने लावारिस कुत्तों की देखभाल व रखरखाव को लेकर केन्द्र व राज्य सरकारों को आदेश जारी किए हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना को लेकर गंभीर प्रदेश की भजनलाल सरकार ने इस बारे में सभी निकायों को निर्देश जारी कर दिए हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही 22 अगस्त को लावारिस कुत्तों की देखभाल व रखरखाव को लेकर केन्द्र व राज्य सरकारों को आदेश जारी किए थे. इस आदेश की पालना को लेकर प्रदेश की भजनलाल सरकार ने सभी निकायों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं. सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश और पशु जन्म नियंत्रण नियमों के तहत जारी इन निर्देशों में कुत्तों को भोजन खिलाने,उन्हें पकड़ने,नसंबंदी करने और उनकी देखभाल के संबंध में हिदायत दी गई है. राजस्थान देश में संभवतया पहला राज्य है जिसने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना में निर्देश जारी किए हैं. स्वायत्त शासन सचिव रवि जैन की ओर जारी इन निर्देशों में क्या कहा गया, इस बारे में आपको विस्तार से बताते हैं   

निकायों को दिए ये निर्देश
शहर के प्रत्येक सड़क,क्षेत्र व वार्ड में निर्धारित किए जाएंगे भोजन स्थल
कुत्तों की संख्या और उनके क्षेत्राधिकार के अनुसार होंगे निर्धारित
इस निर्धारण के लिए ली जाए स्थानीय लोगों से जानकारी
कुत्तों को खाना खिलाने वाले स्थानीय लोगों ली जाए जानकारी
प्रत्येक भोजन स्थल पर बोर्ड लगाकर उसे किया जाए चिह्नित
शहरी निकाय नसबंदी केन्द्रों की पहचान,
निर्माण और आवश्यकता होने पर करेंगे मरम्मत कार्य
केन्द्रों पर नसबंदी,टीकाकरण सहित अन्य सुविधाएं कराई जाएं उपलब्ध
कुत्ते पकड़ने के लिए प्रशिक्षित कार्मिक किए जाएं नियुक्त
कुत्ते पकड़ने की एकमात्र स्वीकृत प्रक्रिया का किया जाए पालन
जाल या हाथ से पकड़ने की स्वीकृत प्रक्रिया का किया जाए पालन
उसी एनजीओ को दी जाएगी जिम्मेदारी
जिस एनजीओ के पास होगी पशु  कल्याण बोर्ड की मान्यता
प्रत्येक कुत्ता पकड़ने के लिए 200 रुपए और
भोजन,नसबंदी व इसके बाद देखभाल के लिए दिए जाएंगे 1450 रुपए
मामले में ब्लैक लिस्टेड एनजीओ को नहीं दी जाए इस कार्य की जिम्मेदारी
रेबीज संदिग्ध कुत्ते को पकड़ कर रखा जाएगा
सुरक्षित तरीके से पशु चिकित्सक की निगरानी में रखा जापएगा
उसकी मृत्यु तक उसके भोजन-पानी की की जाएगी व्यवस्था
बार-बार काटने वाले कुत्तों की शिकायत का किया जाएगा सत्यापन
ऐसे कुत्तों को शेल्टर में रखा जाएगा अथवा
उसे पंजीकृत पशु कल्याण संगठन को सौंपा जाएगा
हर निकाय में गठित होगी निगरानी समिति
समिति की नियमित बैठक में नसबंदी,टीकाकरण और
रिहाई कार्यक्रमों की नियमित की जाएगी समीक्षा
समिति में पशु कल्याण प्रतिनिधि/पशु अधिकार कार्यकर्ता होंगे शामिल