VIDEO: राजस्थान के स्पिनर मानव का टीम इंडिया में चयन, अफगानिस्तान टेस्ट सीरीज के लिए पहली बार मिला मौका, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान के श्रीगंगानगर से निकलकर टीम इंडिया तक पहुंचने वाले 23 साल के युवा स्पिनर मानव सुथार ने इतिहास रच दिया है. अफगानिस्तान के खिलाफ 6 जून से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में पहली बार उनका चयन हुआ है. 12 साल बाद राजस्थान से किसी खिलाड़ी को भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली है. घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन, ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ 5 विकेट और रणजी ट्रॉफी में शतक-मानव ने हर मौके पर खुद को साबित किया. अब पूरे राजस्थान को उम्मीद है कि यह युवा स्पिनर जल्द ही टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में भी नजर आएगा. 

राजस्थान की पिच से निकला एक युवा स्पिनर अब टीम इंडिया की टेस्ट कैप पहनने के बेहद करीब है. श्रीगंगानगर के 23 साल के लेफ्ट आर्म स्पिनर मानव सुथार ने अपनी फिरकी से ऐसा जादू चलाया कि चयनकर्ताओं ने उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल कर लिया. रोहित-कोहली को नेट्स में परेशान करने से लेकर ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ पंजा खोलने तक मानव ने हर स्पेल में खुद को साबित किया. 14 साल की मेहनत, रणजी में शानदार प्रदर्शन और अब टीम इंडिया का बुलावा राजस्थान क्रिकेट को आखिरकार उसका नया टेस्ट स्टार मिल गया है. राजस्थान की सूखी पिचों से उठी एक फिरकी अब टीम इंडिया के टेस्ट एरिना में अपना टर्न लेने जा रही है. 12 साल बाद राजस्थान से किसी खिलाड़ी की टेस्ट टीम में एंट्री ने पूरे प्रदेश को जश्न मनाने का मौका दे दिया है. मानव से पहले सलीम दुर्रानी, हनुमंत सिंह, पार्थसारथी शर्मा व पंकज सिंह टेस्ट क्रिकेट खेल चुके हैं. पंकज सिंह ने 2014 में टेस्ट खेला था. उनके बाद अब मानव ने टेस्ट टीम में जगह बनाई है.

मानव पिछले कई वर्षों से चयनकर्ताओं की नजर में थे. 2023 वर्ल्ड कप से पहले बेंगलुरु में हुए टीम इंडिया के प्रैक्टिस कैंप में उन्होंने अपने स्पिन से कप्तान रोहित शर्मा और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली को प्रभावित किया था. तभी से माना जाने लगा था कि यह खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट में लंबी रेस का घोड़ा साबित हो सकता है.

भारतीय टीम तक हालांकि मानव का सफर आसान नहीं रहा. आईपीएल में गुजरात के साथ जुड़े रहने के बावजूद उन्हें लंबे समय तक बेंच पर बैठना पड़ा. इंडिया-ए और दलीप ट्रॉफी में भी कई बार नजरअंदाज किया गया. लेकिन मानव ने हार नहीं मानी. फिर आया वो मौका ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ दूसरे टेस्ट में मानव ने 5 विकेट लेकर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. रणजी ट्रॉफी में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ पहला फर्स्ट क्लास शतक जड़कर उन्होंने साबित कर दिया कि वे सिर्फ गेंदबाज नहीं, बल्कि उपयोगी ऑलराउंडर भी हैं. मानव के कोच धीरज शर्मा भी अपने इस शिष्य की उपलब्धि पर फूले नहीं समा रहे हैं. आखिर 14 साल की मेहनत का फल जो मिला है.

मानव सुथार की सफलता सिर्फ एक खिलाड़ी की कहानी नहीं बल्कि एक मध्यमवर्गीय परिवार के सपनों के सच होने की मिसाल है. चयन की खबर मिलते ही उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया. पूरा श्रीगंगानगर और राजस्थान इस उपलब्धि का जश्न मना रहा है.

अब सबकी नजरें 6 जून से शुरू होने वाली अफगानिस्तान टेस्ट सीरीज पर हैं. जहां राजस्थान का यह युवा स्पिनर टीम इंडिया के लिए नया सितारा बनकर उभर सकता है. एसडी बिहाणी क्रिकेट ग्राउंड पर 14 साल तक लगातार नेट्स में पसीना बहाने वाले मानव सुथार की यह कहानी बताती है कि क्रिकेट में असली जीत स्कोरबोर्ड पर नहीं धैर्य, मेहनत और विश्वास की पिच पर मिलती है.