जयपुर: शूरों और वीरों की धरती राजस्थान ने आज एक नया इतिहास रचा. आत्मनिर्भर एवं नए भारत की तस्वीर पेश करती भारतीय सेना और राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के बीच 78वीं आर्मी डे परेड हुई. हजारों की मौजूदगी में जयपुर की महल रोड़ परेड की गवाह बनी. जहां सैन्य गौरव और अनुशासन की बेहतर तस्वीर देश-दुनिया ने भी देखी. ऐतिहासिक परेड में क्या कुछ रहा.
भारतीय सेना ने 78वां सेना दिवस हजारों लोगों की मौजूदगी का गवाह बना और यह चौथी बार है जब सेना दिवस परेड दिल्ली के बाहर हुई और पहली बार किसी असैन्य क्षेत्र में आयोजित की गई. राजस्थान को पहली बार इस ऐतिहासिक आयोजन की मेजबानी का गौरव भी प्राप्त हुआ. सैन्य उत्कृष्टता, गौरवशाली परंपराओं और राष्ट्रीय गौरव के भव्य एवं ऐतिहासिक प्रदर्शन को देखने के लिए राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मिजोरम के राज्यपाल जनरल (रि.) वीके सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, सप्तशक्ति कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह सहित अनेक सैन्य और हजारों आमजन उपस्थित रहे. परेड के दौरान डेढ़ घंटे तक सेना के बेड़े में शामिल हथियारों और नवीन तकनीक के माध्यम से आधुनिक भारत की तस्वीर पेश की गई.
परेड में क्या कुछ रहा खास
-सेना के 5 शूरवीरों को मरणोपरांत सेना मेडल
-दम्य साहस और वीरता के लिए शूरवीरों सूबेदार मेजर पवन कुमार,
हवलदार सुनील कुमार सिंह, लांस नायक दिनेश कुमार,
लांस नायक सुभाष कुमार और लांस नायक प्रदीप कुमार को मरणोपरांत ‘सेना मेडल (गैलेंट्री)’ से सम्मानित किया
-नेपाल आर्मी बैंड की भागीदारी ने भारत-नेपाल के विशेष सैन्य संबंधों को रेखांकित किया
-भैरव बटालियन सहित भारतीय सेना की 7 रेजीमेंट की टुकड़ियों ने किया मार्च पास्ट
-महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के तहत गर्ल्स एनसीसी टुकड़ी ने भी किया मार्च पास्ट
-परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र एवं वीर चक्र विजेता भी विशेष मेहमान के रूप में शामिल हुए
-स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाइल, भीष्म एवं अर्जुन टैंक, के-9 वज्र तोप, बीएमपी वाहन का प्रदर्शन
-155 एमएम अमोघ, नामिस (नाग मिसाइल सिस्टम), पिनाका रॉकेट लॉन्चर सिस्टम का प्रदर्शन
-शिल्का हथियार प्रणाली, ड्रोन शक्ति, ड्रोन जैमर तकनीक, इलेक्ट्रिक ऑल टैरेन व्हीकल का प्रदर्शन
-अभिनव सैन्य प्रणालियों में रोबोटिक म्यूल, स्वाथी वेपन लोकेटिंग राडार का प्रदर्शन
-मॉड्युलर ब्रिजिंग सिस्टम, मल्टी बैरल रॉकेट सिस्टम, वाहन आधारित इन्फेंट्री मोर्टार सिस्टम का प्रदर्शन
- ड्रोन जैमर सिस्टम, मोबाइल कम्युनिकेशन नोड तथा अजय केतु ऑल-टेरेन व्हीकल जैसी अत्याधुनिक प्रणालियां प्रदर्शित
-तीन चेतक हेलीकॉप्टरों ने तिरंगा एवं संयुक्त सेनाध्वज के साथ पुष्प वर्षा की
-नाल एयरबेस से आए तीन जगुआर लड़ाकू विमानों की गर्जना ने सभी को रोमांचित किया
थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली और दक्षिण पश्चिम कमान के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल हरविंदर सिंह ने भव्य परेड का नेतृत्व किया. ऐतिहासिक परडे के दौरान भारतीय सेना ने अपने शौर्य, साहस और अजेय शक्ति का प्रदर्शन किया. स्वदेशी सैन्य क्षमता, आधुनिक आयुध और उभरती तकनीक को देखकर विशिष्ट से लेकर आमजन तक कोई भी प्रशंसा किए बिना नहीं रह सका. राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि और भरतपुर की फूलों की होली की रंग-बिरंगी झांकियां भी आयोजन में शामिल रहीं. राजस्थान के कच्छी घोड़ी, दंगल, गैर, कालबेलिया जैसे मनोहारी लोक नृत्यों ने सभी आम एवं खास मेहमानों का ध्यान खींचा. कुल मिलाकर कहा जाए तो राजस्थान के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया.