जयपुर: पाठ्यपुस्तकों के नाम पर स्कूलों में अभिभावकों संग खुली लूट चल रही है! स्कूल और वेंडर कमीशन सिस्टम पर रोक नहीं लग रही है. अभिभावकों पर आर्थिक शोषण हो रहा है. फीस के नाम पर अभिभावकों से अत्यधिक वसूली की जा रही है.
अब किताब,कॉपी,ड्रेस एवं स्टेशनरी के नाम पर भी संगठित रूप से लूट हो रही है. निजी स्कूलों को किताब-कॉपी खरीदने के लिए कम से कम 5 वेंडर की सूची देने का प्रावधान है. अभी हाल ही में एक अप्रैल को शिक्षा निदेशक ने आदेश जारी किया था.
समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को ब्लॉक स्तर पर 3 सदस्यीय कमेटी का गठन करने का आदेश दिया, लेकिन जमीनी स्तर पर स्कूल अपने 'फिक्स' वेंडरों को ही सूची में शामिल कर रहे है. सभी वेंडरों पर एक जैसी महंगी किताबें उपलब्ध, अभिभावकों के पास कोई विकल्प नहीं है. कमीशन आधारित सिस्टम पहले की तरह जारी है.
पाठ्यपुस्तकों के नाम पर स्कूलों में अभिभावकों संग खुली लूट !:
-स्कूल और वेंडर कमीशन सिस्टम पर नहीं लग रही रोक
-अभिभावकों पर हो रहा आर्थिक शोषण
-फीस के नाम पर अभिभावकों से अत्यधिक वसूली
-अब किताब,कॉपी,ड्रेस एवं स्टेशनरी के नाम पर भी संगठित रूप से लूट
-निजी स्कूलों को किताब-कॉपी खरीदने के लिए कम से कम 5 वेंडर की सूची देने का प्रावधान
-अभी हाल ही में एक अप्रैल को शिक्षा निदेशक ने जारी किया था आदेश
-समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को ब्लॉक स्तर पर 3 सदस्यीय कमेटी का गठन करने का आदेश
-लेकिन जमीनी स्तर पर स्कूल अपने 'फिक्स' वेंडरों को ही सूची में कर रहे शामिल
-सभी वेंडरों पर एक जैसी महंगी किताबें उपलब्ध, अभिभावकों के पास कोई विकल्प नहीं
-कमीशन आधारित सिस्टम पहले की तरह जारी