VIDEO: पोखरण में गरजेगा आसमान... ‘वायुशक्ति-2026’ में ऑपरेशन सिंदूर जैसी बमबारी, 12 हजार किलो बारूद से दुश्मन के ठिकाने ध्वस्त

जैसलमेर : राजस्थान की सरहदी धरती जैसलमेर का पोखरण और 27 फरवरी को यहां गूंजेगी भारतीय वायुसेना की सबसे बड़ी ताकत‘वायुशक्ति-2026’ जहां ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर दुश्मन के ठिकानों पर सटीक बमबारी की जाएगी.12 हजार किलो गोला-बारूद 277 अत्याधुनिक हथियार और पहली बार बाज की तरह हमला करने वाला रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट.

राजस्थान की सरहदी धरती जैसलमेर का पोखरण एक बार फिर इतिहास रचने जा रहा है. यही वह भूमि है जहां भारत ने अपनी परमाणु क्षमता से दुनिया को चौंकाया था, और अब यही धरती भारतीय वायुसेना की ताकत का सबसे बड़ा प्रदर्शन देखने जा रही है. 27 फरवरी को यहां आयोजित होगा वायुशक्ति-2026, जो केवल एक सैन्य अभ्यास नहीं बल्कि रणनीतिक संदेश है. सीमा के बेहद करीब हो रहा यह आयोजन सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. 24 फरवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल और 27 फरवरी को मुख्य कार्यक्रम होगा. इस बार की थीम साफ है- दुश्मन के ठिकानों को चुन-चुनकर सटीक और निर्णायक प्रहार.लगभग 12 हजार किलो गोला-बारूद और 277 अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल इस अभ्यास को असाधारण बनाता है. यह केवल फायर पावर का प्रदर्शन नहीं, बल्कि मल्टी-डोमेन वारफेयर की तैयारी का संकेत है.आसमान में एक साथ दर्जनों फाइटर जेट, हेलिकॉप्टर और ड्रोन मिशन को अंजाम देंगे. हर लक्ष्य पहले से चिन्हित होगा, हर हमला सेकेंडों में सटीक बैठेगा.जब पोखरण का आसमान गरजेगा, तब यह सिर्फ आवाज नहीं होगी- यह भारत की तैयारी, तकनीक और आत्मविश्वास का उद्घोष होगा.

वायुशक्ति-2026 का सबसे बड़ा आकर्षण होगा भारतीय वायुसेना का फाइटर बेड़ा. अत्याधुनिक मल्टीरोल फाइटर जेट Dassault Rafale हवा से हवा और हवा से जमीन-दोनों मोर्चों पर अपनी घातक क्षमता दिखाएगा. इसकी लंबी दूरी की मारक क्षमता और अत्याधुनिक एवियोनिक्स इसे युद्ध का गेम चेंजर बनाते हैं. इसके साथ शक्ति का स्तंभ Sukhoi Su-30MKI लंबी दूरी की मिसाइलों और भारी पेलोड के साथ सामरिक हमले का प्रदर्शन करेगा. स्वदेशी गर्व का प्रतीक HAL Tejas आधुनिक रडार और प्रिसिजन गाइडेड हथियारों के साथ सटीक बमबारी करेगा. डीप पेनिट्रेशन मिशन के लिए प्रसिद्ध SEPECAT Jaguar दुश्मन के ठिकानों के अंदर तक जाकर हमला करने की क्षमता दिखाएगा, जबकि Mirage 2000 सटीक स्ट्राइक का प्रदर्शन करेगा. 77 फाइटर जेट्स का एक साथ ऑपरेशन यह दर्शाएगा कि भारतीय वायुसेना मल्टी-थिएटर वॉर में एक साथ कई लक्ष्यों को भेद सकती है. यह अभ्यास केवल विमान उड़ाने का प्रदर्शन नहीं है- यह समन्वय, सटीकता और तकनीकी श्रेष्ठता का लाइव डेमो है.

आधुनिक युद्ध केवल आसमान से नहीं जीता जाता, बल्कि जमीन पर तेज तैनाती और सटीक समर्थन से निर्णायक बढ़त मिलती है. वायुशक्ति-2026 में हेलिकॉप्टर बेड़ा भी अपनी अहम भूमिका निभाएगा.स्वदेशी अटैक हेलिकॉप्टर HAL Prachand दुश्मन के बंकरों और बख्तरबंद ठिकानों पर सटीक वार करेगा. यह ऊंचाई वाले इलाकों और कठिन परिस्थितियों में भी ऑपरेशन करने में सक्षम है.

भारी लिफ्ट क्षमता वाला Boeing CH-47 Chinook सैनिकों, तोपों और उपकरणों को तेजी से रणभूमि तक पहुंचाएगा. इसके साथ विशेष ऑपरेशन के लिए Lockheed Martin C-130J Super Hercules कच्चे रनवे पर उतरकर कमांडो तैनाती का प्रदर्शन करेगा. यह अभ्यास दिखाएगा कि वायुसेना केवल हमला ही नहीं करती, बल्कि त्वरित तैनाती, लॉजिस्टिक सपोर्ट और आपदा राहत जैसे अभियानों में भी समान रूप से सक्षम है.यानी आसमान से लेकर जमीन तक- हर स्तर पर समन्वित तैयारी.

भविष्य की लड़ाइयां केवल पायलटेड फाइटर जेट से नहीं लड़ी जाएंगी. वायुशक्ति-2026 में पहली बार बड़े स्तर पर रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट और लोइटरिंग म्यूनिशन का सार्वजनिक प्रदर्शन होगा. करीब 150 किलो वजनी रिमोट प्लेटफॉर्म हवा में घंटों मंडरा सकता है. लक्ष्य की पहचान होते ही यह मिसाइल की तरह सटीक प्रहार करता है. शॉर्ट रेंज लोइटरिंग म्यूनिशन- जिन्हें कामिकेज ड्रोन भी कहा जाता है. दिन, शाम और रात हर परिस्थिति में मिशन पूरा कर सकते हैं. काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम दुश्मन के ड्रोन को हवा में ही नष्ट करने की क्षमता दिखाएंगे. यह सब दर्शाता है कि भारतीय वायुसेना भविष्य की टेक्नोलॉजी आधारित लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार है. पोखरण का यह आसमान आने वाले युद्ध की रणनीति का ट्रेलर पेश करेगा- जहां इंसान और मशीन मिलकर निर्णायक प्रहार करेंगे.

पोखरण में होने वाला यह प्रदर्शन केवल पारंपरिक फायर पावर का शो नहीं होगा, बल्कि इसमें हालिया सैन्य अभियानों से मिली सीख भी शामिल होगी. विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर “टाइम-बाउंड, प्रिसिजन और मल्टी-लेयर स्ट्राइक” का सिमुलेशन किया जाएगा. इस सेगमेंट में दुश्मन के काल्पनिक ठिकानों-कमांड सेंटर, गोला-बारूद डिपो और रनवे जैसी रणनीतिक संरचनाओं-को चिन्हित कर चरणबद्ध तरीके से नष्ट करने की रणनीति दिखाई जाएगी. पहले चरण में एयर डिफेंस सप्रेशन, दूसरे चरण में डीप स्ट्राइक और तीसरे चरण में बैटल डैमेज असेसमेंट का प्रदर्शन होगा. फाइटर जेट्स लक्ष्य को लॉक कर सटीक बमबारी करेंगे, जबकि ड्रोन और रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट रियल-टाइम निगरानी और अंतिम प्रहार की भूमिका निभाएंगे. यह पूरा क्रम दर्शाएगा कि किस तरह आधुनिक युद्ध में इंटेलिजेंस, सर्विलांस और प्रिसिजन गाइडेड म्यूनिशन एक साथ काम करते हैं. रात और कम दृश्यता की परिस्थितियों में भी हमले की क्षमता दिखाई जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि समय, मौसम या भौगोलिक चुनौतियां भारतीय वायुसेना की कार्रवाई को सीमित नहीं कर सकतीं. इस सेगमेंट का उद्देश्य स्पष्ट संदेश देना है-यदि राष्ट्रीय सुरक्षा को चुनौती मिली, तो जवाब सुनियोजित, सटीक और निर्णायक होगा. पोखरण की रेत पर गूंजने वाली यह रणनीतिक प्रस्तुति बताएगी कि भारत केवल प्रतिक्रिया नहीं देता, बल्कि दुश्मन के घर में घुस पर सीधा वार करता है. 

-वायु शक्ति–2026 27 फरवरी पोखरण, राजस्थान लाइव फायर डेमो ,2 साल में एक बार
-कौन कर रहा है अभ्यास? भारतीय वायु सेना, संयुक्त ऑपरेशन तैयारी, मल्टी-डोमेन रणनीति
-ताकत के आंकड़े- 77 फाइटर जेट, 43 हेलिकॉप्टर, 277 हथियार सिस्टम, 12,000 किलो गोला-बारूद
-फाइटर जेट एक्शन-- एयर टू एयर कॉम्बैट, ग्राउंड स्ट्राइक, हाई स्पीड अटैक, मल्टी-टारगेट क्षमता
-Su-30MKI--Sukhoi Su-30MKIलंबी दूरी वार, भारी पेलोड मल्टीरोल ऑपरेशन
-Rafale--Rafale Meteor मिसाइल प्रिसिजन स्ट्राइक,एडवांस रडार
-Tejas--Tejas स्वदेशी विमान, हाई मैन्युवर क्विक रिस्पॉन्स
-Apache-- AH-64 Apache, एंटी-टैंक रोल, नाइट स्ट्राइक, रॉकेट फायर
-Chinook--CH-47 Chinook,हैवी एयरलिफ्ट, सैनिक तैनाती, राहत मिशन
-RPA पावर--लंबी निगरानी, टारगेट लॉक, कामिकेज स्ट्राइक, भविष्य की जंग
-फायर पावर--दिन-रात ऑपरेशन, मल्टी फ्रंट अटैक, सटीक बमबारी
-रणनीतिक संदेश--सीमा के पास अभ्यास, दुश्मन को चेतावनी, फुल कॉम्बैट तैयारी

पोखरण में होने जा रहे इस मेगा एयर पावर शो की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. फील्ड फायरिंग रेंज को पूरी तरह हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में तब्दील कर दिया गया है. रनवे, अस्थायी एयर ऑपरेशनल बेस, कंट्रोल रूम और ऑब्जर्वेशन पोस्ट 24 घंटे मॉनिटरिंग में हैं. भारतीय वायुसेना, थलसेना और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित कर मल्टी-लेयर सुरक्षा घेरा बनाया गया है. तकनीकी टीमें हथियार प्रणालियों की फाइनल कैलिब्रेशन और सिमुलेशन ड्रिल कर रही हैं, ताकि 27 फरवरी को हर स्ट्राइक सेकेंड के हिसाब से सटीक बैठे. 24 फरवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल के जरिए पूरे इवेंट का रियल-टाइम परीक्षण किया जाएगा.

इस ऐतिहासिक आयोजन में देश के शीर्ष नेतृत्व के पहुंचने की संभावना है. सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह इस शक्ति प्रदर्शन के साक्षी बन सकते हैं. इसके अलावा तीनों सेनाओं के शीर्ष अधिकारी, वरिष्ठ एयर मार्शल, रक्षा विशेषज्ञ और विदेशी सैन्य प्रेक्षक भी आमंत्रित किए गए हैं.

वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. एयरस्पेस को अस्थायी रूप से नियंत्रित किया जाएगा और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है. साफ है-पोखरण में केवल युद्धाभ्यास नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर का रणनीतिक प्रदर्शन होने जा रहा है, जिसकी तैयारी भी उसी स्तर की है.

जब 27 फरवरी को पोखरण का आसमान फाइटर जेट्स की गर्जना से गूंजेगा.जब 12 हजार किलो बारूद लक्ष्य को ध्वस्त करेगा.जब ड्रोन बाज की तरह मंडराकर सटीक वार करेंगे. तब यह केवल अभ्यास नहीं होगा- यह भारत की रणनीतिक शक्ति का सार्वजनिक उद्घोष होगा.सूत्रों के अनुसार इस आयोजन को देखने देश के शीर्ष नेतृत्व के पहुंचने की संभावना है.वायुसेना अधिकारियों का कहना है कि इस अभ्यास का उद्देश्य केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि समन्वित युद्ध क्षमता, स्वदेशी तकनीक और भविष्य की तैयारी को प्रदर्शित करना है. पोखरण से उठने वाली यह गर्जना साफ संदेश देगी-भारत शांति चाहता है. लेकिन उसकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा. वायुशक्ति-2026 सिर्फ प्रदर्शन नहीं बल्कि निर्णायक तैयारी का ऐलान.