जयपुर: राजस्थान कांग्रेस के जिला कप्तानों को अब ट्रेनिंग के जरिए ट्रेंड किया जाएगा. 10 फरवरी को दिल्ली में राहुल गांधी जिला अध्यक्षों को टिप्स देंगे. राहुल गांधी लीडरशिप, संगठन संचालन और विचारधारा जैसे कईं मसलों पर अध्यक्षों से संवाद करेंगे. वहीं ट्रेनिंग वर्कशॉप में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे और संगठन महासचिव वेणुगोपाल भी मौजूद रहेंगे.
संगठन सृजन अभियान के जरिए जिला अध्यक्षों के चयन के बाद अब उन्हें ट्रेंड करने की कवायद शुरू हो गई है. इसके लिए सभी जिला अध्यक्षों को 10 फरवरी को दिल्ली बुलाया गया है. दिल्ली में इंदिरा भवन में जिला अध्यक्षों की पूरे दिन एक दिवसीय ट्रेनिंग वर्कशॉप चलेगी. वर्कशॉप में कईं विषयों पर जिला अध्यक्षों को एक्सपर्ट प्रशिक्षण देंगे. ट्रेनिंग वर्कशॉप के आखिर में फिर राहुल गांधी जिला अध्यक्षों को संबोधित करते हुए सियासी औऱ संगठन संचालन के गुर सिखाएंगे.
कांग्रेस के जिला कप्तान होंगे ट्रेनिंग से ट्रेंड
-10 फरवरी को सभी जिला अध्यक्षों को बुलाया दिल्ली
-दिल्ली में इंदिरा भवन में पहले एक्सपर्ट जिला अध्यक्षों को देंगे ट्रेनिंग
-वॉर रूम के चेयरमैन सेंथिल तकनीक और आईटी के बारे में देंगे ट्रेनिंग
-एप संचालन, AI और सोशल मीडिया का भी दिया जाएगा प्रशिक्षण
-आखिर में फिर राहुल गांधी देंगे जिलाध्यक्षों को टिप्स
-राहुल गांधी लीडरशिप,राजनीति,संगठन संचालन और विचारधारा के बारे में बताएंगे गुर
-कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे और संगठन महासचिव वेणुगोपाल भी रहेंगे मौजूद
-प्रभारी रंधावा,गोविंद डोटासरा और टीकाराम जूली भी होंगे शामिल
दिल्ली में एक दिन की ट्रेनिंग के बाद जिला अध्यक्षों की फिर दस दिवसीय विशेष ट्रेनिंग अलग से होगी. टीम सचिन राव इन दस दिनों में सुबह से लेकर रात तक कई मसलों पर गुर सिखाएगी. दस दिन की ट्रेनिंग में दिनभर में कई सेशन होंगे. जिसमें जिला अध्यक्षों को बूथ संचालन,फैसले लेने,लीडरशिप, अनुशासन,फिजिकल फिटनेस और धरातल पर सक्रिय रहने जैसे विषयों पर टिप्स दिए जाएंगे. खासतौर से इस ट्रेनिंग में सबसे ज्यादा फोकस वैचारिक रूप से मजबूत करना होगा. कैसे कांग्रेस के इतिहास औऱ विचारधारा के जरिए विरोधियों से मुकाबला करना है.
इस ट्रेनिंग के बाद जिला अध्यक्षों को फील्ड में उतारा जाएगा. दरअसल हाईकमान चाहता है कि ट्रेंड होने के बाद पार्टी के दिशा निर्देशों पर जिला अध्यक्ष लगातार सक्रिय रहे. अगर कोई जिला अध्यक्ष काम नहीं करेगा तो हर तीन माह में फिर उसकी परफॉर्मेंस की समीक्षा भी होगी. अब देखते है इस मॉडल से चयनित औऱ ट्रेंड जिला अध्यक्ष फिर कैसे अलग हटकर काम करते हैं.