दो साल बनाम पांच साल पर विधानसभा में बहस, सीएम भजनलाल शर्मा बोले- मैदान छोड़ भागा विपक्ष, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः दो साल बनाम पांच साल पर विधानसभा में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने विपक्ष को घेरा. सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि विपक्ष के लोगों ने हमें चुनौती दी थी, उस चुनौती को हमने स्वीकार किया,उसी के तहत सदन में प्रस्ताव लाया गया, कांग्रेस का तो कॉलम ही खाली है, हमने दो साल के कार्यकाल में ही संकल्प पत्र 2023 के कुल 352 बिंदुओ में 285 बिंदुओ की क्रियान्वित कर ली है,कांग्रेस तो आपसी कलह में मैदान छोड़ कर भाग गई.सदन में प्रतिवेदन पर चर्चा कराने को लेकर जोरदार हंगामा हुआ चार बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.

पूर्व सीएम मैदान में आकर बहस करते तो पता लगता कि पांच साल बनाम दो साल क्या होते हैं. ये कहना है सीएम भजन लाल शर्मा का. दो साल के सरकार के कामकाज के प्रतिवेदन पर बोलते हुए सीएम भजन लाल शर्मा ने कहा कि  कांग्रेस राज के काम जीरो है. सीएम भजन लाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं की आपसी लड़ाई है,डोटासरा चाहते थे कि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली नही बोल सके, इसलिए हंगामा करवाया

आक्रामक अंदाज में सीएम भजन लाल शर्मा ने सदन में कहा कि कांग्रेस राज के काम जीरो है, ये बहस क्या करेंगे, इनके राज के कामो  के कॉलम खाली हैं,अगर ये काम करते तो देश में से ऐसे नही सिमट जाते जिस तरह से इन्होंने किया है, इन्होंने केवल भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण के लिए कुछ नहीं किया,कांग्रेस के सदन से बहिष्कार पर सीएम ने कहा कि पूरे दस्तावेज लेकर आया था, बोलने के लिए बहुत कुछ है, मैं मेरे जवाब के दस्तावेज टेबल कर रहा हूं,कांग्रेस के लोगों में सच्चाई सुनने का साहस नही है था, इसलिए मैदान छोड़कर भाग गए

इससे पहले दो साल बनाम पांच की जगह दो साल के सरकार के कामकाज के प्रतिवेदन पर बहस का प्रस्ताव रखने पर विवाद और हंगामा हो गया था, हंगामें के कारण सदन की कार्यवाही चार बार स्थगित करनी पड़ी थी,संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने सरकार के दो साल के प्रतिवेदन पर बहस का प्रस्ताव रखा था. इस प्रस्ताव पर पहले नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आपत्ति करते हुए कहा कि बहस पांच साल बनाम दो साल पर करवाने का तय हुआ था, बीएसी मे  भी यही तय हुआ था. संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल और सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने विपक्ष की आपत्तियों को खारिज कर दिया. पीसीसी चीफ  गोविंद सिंह डोटासरा ने  5 फरवरी को मुख्यमंत्री के सदन मे  बयान का हवाला देते हुए कहा कि बहस दो साल बनाम पांच साल पर करवाने की सीएम ने घोषणा की थी. डोटासरा और जोगाराम पटेल के तीखी नोंक झोंक देखने को मिली. स्पीकर देवनानी को व्यवस्था देनी पड़ी और सदन में पहले बोलने के लिए नेता प्रतिपक्ष का नाम पुकारा और फिर मुख्यमंत्री का. 

सीएम भजन लाल शर्मा ने अपने अंदाज में बता दिया कि गत सरकार ने कुछ नहीं किया, अब सच्चाई सुनने की भी हिम्मत नहीं 5 साल की सच्चाई जनता जानती है, इसलिए बहस नहीं की हमारी 90 प्रतिशत बजट घोषणाओं की स्वीकृतियां जारी 80 प्रतिशत पूरी या धरातल पर क्रियान्वयन हुआ शुरू. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमने आने वाले समय की कार्ययोजना बजट के रूप में रखने के साथ ही पहली बार सदन में अपनी सरकार के दो साल का रिपोर्ट कार्ड भी रखा था और उस पर सार्थक बहस का विपक्ष को अवसर दिया था लेकिन पूर्ववर्ती सरकार ने अपने 5 वर्षों में कुछ नहीं किया और अब उन लोगों में सच्चाई सुनने की हिम्मत नहीं है, इसलिए वे सदन छोड़कर चले गए.