VIDEO: अब SOG की रडार पर RGHS के घपलेबाज ! भ्रष्टाचार के खिलाफ भजनलाल सरकार का बड़ा एक्शन, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर : राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम यानी RGHS स्कीम के घपलेबाज अब एसओजी के रडार पर है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत चिकित्सा विभाग ने RGHS में करोड़ों रुपए के गड़बड़झाले के आरोपियों के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) से जांच कराने का निर्णय लिया है. विशेष सतर्कता समिति की अनुशंसा के आधार पर दो हाईप्रोफाइल प्रकरण एसओजी को भेजे जा चुके है, जबकि अन्य प्रकरणों में जरूरी दस्तावेज एकत्र किए जा रहे हैं.

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सत्ता संभालने के साथ ही साफ संकेत दे दिए थे कि पेपरलीक, करप्शन समेत अन्य आपराधिक मामलों में किसी को नहीं बख्शा जाएगा. इस दौरान वित्त विभाग के अधीन संचालित राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम में गड़बड़ियों के कई गंभीर मामले एकसाथ सामने आए. किसी जगह लाभार्थियों ने मनमाने इलाज और दवाओं के जरिए लाखों रुपए पास करवा लिए, तो कई जगह अस्पताल, चिकित्सक और फार्मेंसी के गठजोड़ ने सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत लगा दी. ऐसे गंभीर मामलों को देखते हुए पिछले दिनों ही आरजीएचएस स्कीम को चिकित्सा विभाग को सौंपा गया, जिसके साथ ही पिछले सालों के उठे भुगतान की ऑडिट का काम शुरू किया गया. इस दौरान देखते ही देखते गड़बड़झालों की लम्बी लिस्ट तैयार हो गई. ऐसे में अब चिकित्सा विभाग ने एक तरफ जहां गड़बड़ियों में लिप्त लोगों पर कार्रवाई के साथ ही वसूली शुरू कर दी है, साथ ही गंभीर प्रवृत्ति के प्रकरण एसओजी को भेजने का निर्णय भी किया गया है.

महज दो प्रकरणों में 10 करोड़ से अधिक की हेरफेर !
-बात SOG में भेजे गए RGHS गड़बड़झाले के प्रकरणों से जुड़ी
-पहले फेज में सीकर-बीकानेर के जिन दो प्रकरणों के दस्तावेज भेजे गए है SOG
-उनमें 10 करोड़ से अधिक के गड़बड़झाले की मिली विभाग को प्रारम्भिक जानकारी
-सीकर के प्रकरण में तो सात चिकित्सक किए जा चुके है सस्पेंड, पुलिस में दर्ज FIR
-जबकि बीकानेर के डायग्नोसिस सेन्टर की जांच में सामने आए कई तरह के चौंकाने वाले तथ्य
-यहां कई मामलों में सिर्फ बिल बनाने के लिए मरीजों को आवश्यकता से अधिक जांचें लिखी गईं,
-कुछ मरीजों के लिए HbA1c,RA Factor, Procalcitonin जैसे परीक्षण दर्शाए गए,
-जबकि रिकॉर्ड में आवश्यक चिकित्सीय औचित्य स्पष्ट नहीं था, जिसके चलते सवालों में आई जांचें
-इसके अलावा ओपीडी स्लिप पर भी फर्जी हस्ताक्षर और सील लगाने के सामने आए प्रकरण
-कुछ चिकित्सकों ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित अवधि में वे अवकाश पर थे अथवा
-उस दिन ओपीडी में कार्यरत नहीं थे, फिर भी उनके नाम से पर्चियां एवं जांचें दर्शाई गईं

RGHS में सामने आई गड़बड़ियों पर लिए गए विभागीय “एक्शन” की समीक्षा के लिए हाल ही में एक विशेष सतर्कता समिति का गठन किया गया था. पीएचएस गायत्री राठौड की अध्यक्षता में गठित कमेटी की दो बैठकें हो चुकी है, जिसमें सामने आए प्रकरणों में से 15 गंभीर प्रवृत्ति के प्रकरणों को एसओजी में भेजने पर सहमति दी गई है. समिति की रिपोर्ट के आधार पर फिलहाल सीकर-बीकानेर जिले के दो चर्चित प्रकरण एसओजी को भेजे जा चुके है, जबकि 13 प्रकरणों को भेजने के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार किए जा रहे है. उधर, एसओजी भी इस मामले में एक्टिव मोड में नजर आ रही है. दोनों प्रकरणों को लेकर विभागीय अधिकारियों से एसओजी ने रिपोर्ट लेना शुरू कर दिया है. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि गड़बड़ी करने वालों पर जल्द ही एसओजी भी शिकंजा कसेगी.